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Counciling Kya Hota Hai || Counciling Process In Education Sector || Full Information

Counciling क्या होता है || काउंसिलिंग प्रक्रिया कैसे होती है || पूरी जानकारी 

 दोस्तों आप लोगों ने भी काउंसलिंग कराते लोगों को देखा और सुना होगा और आपके मन में यह प्रश्न जरूर आता होगा कि एक काम सीलिंग क्या होता है तो अगर आप लोग भी काउंसलिंग के बारे में पूरी जानकारी पाना चाहते हैं तो इस पोस्ट को आप पूरा जरूर पढ़ें क्योंकि इस पोस्ट के माध्यम से आप लोगों को काउंसलिंग और काउंसलिंग प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी गई है।


Counciling In Study Area 

दोस्तों एक काउंसलिंग वह होता है जिसमें लोग को लगता है कि वह बहुत ज्यादा चिंता , विचार , विमर्श करते हैं जिसकी वजह से उनको यह एक प्रकार की बीमारी प्रतीत होती है तो उसके लिए किसी डॉक्टर से परामर्श लेना एक काउंसलिंग कहा जाता है लेकिन आज के इस पोस्ट में हम लोग आपके पढ़ाई के क्षेत्र में होने वाले काउंसलिंग के बारे में जानेंगे कि किस प्रकार से आप लोगों के अध्ययन में काउंसलिंग मुख्य भूमिका निभाता है और यह क्या होता है इसी की पूरी जानकारी आप सभी लोगों को दी जाएगी।

काउंसिलिंग क्या होता है 

समानता दोस्तों काउंसलिंग की प्रक्रिया तब आरंभ होती है जब आप लोगों की परीक्षाएं समाप्त हो जाती हैं आपके परीक्षाओं के रिजल्ट जारी कर दिए जाते हैं और आप अपने विद्यालय संस्था में प्रवेश लेने की चाह रखते हैं यानी कि रिजल्ट आने के बाद के प्रोसेस को ही काउंसलिंग कहा जाता है काउंसलिंग के माध्यम से आप अपने स्कूल कॉलेज विद्यालय संस्था आदमी प्रवेश लेते हैं और अपने आगे की पढ़ाई को जारी रखते हैं।

Counciling Process

काउंसलिंग की प्रक्रिया समानता कई चरणों में कराई जाती है यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों हो सकती है इस प्रक्रिया के माध्यम से छात्र जिस भी संस्था या विषय से पढ़ाई को का जारी रखना चाहते हैं उसमें वे अपने मनपसंद विषय और पढ़ाई का चुनाव कर सकते हैं।

Counciling Result Process 

जिस प्रकार से आप लोगों के रिजल्ट जारी किए जाते हैं उसी प्रकार से तो आप लोग काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेते हैं तो प्रत्येक चरण की काउंसलिंग के भी रिजल्ट जारी किए जाते हैं जिसके माध्यम से पता चलता है कि किन छात्रों का उस चरण में प्रवेश हो पाया है और किन छात्रों को अगले चरण में मौका दिया जाएगा।

Counciling Kab Kraya Jata hai 

समानयता जब किसी सीट पर अधिक से अधिक आवेदन आते हैं और आवेदन की संख्या बहुत अधिक होती है और सीटों की संख्या कम होती है तो वहां पर काउंसलिंग कीचड़ को बढ़ा दिया जाता है इसके साथी काउंसलिंग की चरणों को सम्मानित आवेदनों की संख्या को देखते हुए ही तय किया जाता है और इस कार्य को बोर्ड ही तय करता है कि वह कितने चरण में काउंसलिंग कराएगा।

Final Word 

उम्मीद करता हूं दोस्तों आप सभी लोगों को काउंसलिंग और काउंसलिंग प्रक्रिया से संबंधित सारी चीजें समझ में आ गई होगी इससे जुड़ा अगर आप लोग कोई भी सवाल हो तो हमें नीचे कमेंट के माध्यम से जरूर पूछें साथ ही इस पोस्ट को अपने सभी दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें ताकि उन्हें भी काउंसलिंग और काउंसलिंग प्रक्रिया की पूरी जानकारी हो पाए, पोस्ट पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।

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